मूल रूप से PwC द्वारा 25 फ़रवरी 2026 को प्रकाशित
LLM में हैलुसिनेशन क्यों होते हैं और AI को सुरक्षित रूप से अपनाने के लिए उनका प्रबंधन क्यों ज़रूरी है?
जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता (GenAI) पर चर्चा में एक प्रमुख अवधारणा है हैलुसिनेशन। औपचारिक रूप से, हैलुसिनेशन का अर्थ ऐसी जानकारी उत्पन्न करना है जो तथ्यात्मक रूप से ग़लत, असंगत या संदर्भ से कटी हुई हो, लेकिन जिसे विश्वसनीय लगने वाले ढंग से और पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया जाए। बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models, LLMs) के साथ काम करने वाले लोगों और प्रणालियों के लिए यह आम अनुभव है।

LLM में हैलुसिनेशन क्यों होते हैं?
मूल कारण यह है कि LLM सांख्यिकीय एल्गोरिदम हैं, सत्य खोजने वाले इंजन नहीं। उनका उद्देश्य बड़े पैमाने के सांख्यिकीय पैटर्न के आधार पर किसी क्रम में सबसे संभावित अगला शब्द अनुमानित करना है। उन्हें किसी बाहरी, बदलते हुए सत्य-आधार से तथ्यों का मिलान करने के लिए नहीं बनाया गया था। विडंबना यह है कि किसी हैलुसिनेशन का विश्वसनीय लगना इस बात का संकेत है कि मॉडल प्रवाहपूर्ण पाठ बनाने के अपने उद्देश्य में सफल हो रहा है।
“GenAI में हैलुसिनेशन कभी-कभार होने वाली चूक नहीं हैं; असल में, वे LLM का एक अपरिहार्य परिणाम हैं। चुनौती अब उन्हें मिटाने की नहीं, बल्कि जोखिम का प्रबंधन करने और हर जवाब को सत्यापन योग्य तथ्यों से जोड़ने की है।”
Ricardo Pacheco Almeida, PwC Portugal के AI Tech Lead
इस तकनीक की प्रमुख सीमाओं में से एक होने के कारण हैलुसिनेशन अकादमिक शोध का एक लोकप्रिय विषय हैं। मौजूदा सहमति यह है कि हैलुसिनेशन से पूरी तरह मुक्त आदर्श LLM बनाना संभव नहीं है। इसके कई कारण हैं: मसलन, सैद्धांतिक सीमाएँ और ज्ञान की वे कमियाँ जिन्हें सीमित क्षमता वाला मॉडल अपने-आप नहीं सीख सकता; मॉडल का आर्किटेक्चर सत्यापन के बजाय सुसंगतता के लिए बनाया जाना; और ऐसी मूल्यांकन प्रणालियाँ जो अनिश्चितता पर दंड लगाए बिना “अनुमान लगाने” को पुरस्कृत करती हैं।
जनरेटिव AI में हैलुसिनेशन के प्रकार: आंतरिक और बाह्य
हैलुसिनेशन के दो मुख्य प्रकार हैं: आंतरिक और बाह्य। AI मॉडल द्वारा बनाए गए जवाबों की विश्वसनीयता का सही आकलन करने के लिए इन दोनों को समझना ज़रूरी है।
आंतरिक हैलुसिनेशन
आंतरिक हैलुसिनेशन तब होता है जब जवाब संदर्भ में दी गई जानकारी का सीधे खंडन करता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी दस्तावेज़ में बजट 5 मिलियन यूरो बताया गया है और मॉडल कहता है कि “बजट 8 मिलियन यूरो था”, तो यह आंतरिक हैलुसिनेशन है।
बाह्य हैलुसिनेशन
बाह्य हैलुसिनेशन तब होता है जब मॉडल ऐसी नई जानकारी जोड़ता है जिसे संदर्भ से सत्यापित नहीं किया जा सकता। उसी उदाहरण में, मॉडल कह सकता है: “बजट 5 मिलियन यूरो था, जिसे प्रबंधन ने 10 जुलाई को मंज़ूरी दी थी।” तारीख़ सुनने में विश्वसनीय लगती है, लेकिन वह गढ़ी गई है और उसका कोई आधार नहीं है।
कंपनियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर हैलुसिनेशन का प्रभाव
भरोसे में कमी कंपनियों द्वारा GenAI अपनाने की प्रमुख बाधाओं में से एक है। यह तब और बढ़ जाती है जब GenAI मॉडलों की क्षमता से जुड़ी उम्मीदें हैलुसिनेशन की चुनौती से टकराती हैं। यदि AI से बने हर सारांश, विश्लेषण या मसौदे की किसी मानव विशेषज्ञ को बारीकी से जाँच करनी पड़े, तो स्वचालित और गतिशील प्रणाली के प्रमुख लाभ समाप्त हो जाते हैं। स्वास्थ्य, न्याय और वित्त जैसे उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में इसका असर और बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, क़ानूनी विश्लेषण की किसी रिपोर्ट में हैलुसिनेशन एक ऐसी न्यायिक नज़ीर गढ़ सकता है जो वास्तव में मौजूद ही न हो।
GenAI में हैलुसिनेशन कैसे कम करें? RAG और ग्राउंडिंग
यह समझने के साथ कि हैलुसिनेशन अपरिहार्य हैं, लेकिन उन्हें कम किया जा सकता है, चर्चा उन्हें समाप्त करने से उनके प्रबंधन की ओर बढ़ी है। व्यावहारिक चुनौती अब ग़लतियाँ उत्पन्न होने की संभावना घटाना है।
GenAI में हैलुसिनेशन कम करने की सबसे लोकप्रिय तकनीक Retrieval-Augmented Generation (RAG) है। इसमें मॉडल को संदर्भ के तौर पर तथ्यात्मक और प्रासंगिक दस्तावेज़ दिए जाते हैं, साथ ही केवल उसी जानकारी के आधार पर जवाब देने के स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं।
यह संदर्भ में आधार स्थापित करने, यानी ग्राउंडिंग (Grounding), का भी प्रमुख उदाहरण है। जवाब तैयार करते समय बाहरी और सत्यापन योग्य संदर्भ देकर प्रणाली जवाब को तथ्यों के एक सीमित समूह से जोड़ती है। इस तरह ग़लत सामान्यीकरण की अपरिहार्य त्रुटियों का प्रबंधन किया जाता है।
LLM में हैलुसिनेशन कम करने के उन्नत समाधान
GenAI और LLM में हैलुसिनेशन कम करने के सबसे उन्नत समाधान अविश्वास पर आधारित दृष्टिकोण अपनाते हैं: वे मानकर चलते हैं कि सामग्री बनाने वाला मॉडल ग़लती कर सकता है और हमेशा कर सकेगा।
इस रणनीति में बाहरी सत्यापन वाली मॉड्यूलर प्रणालियाँ बनाई जाती हैं, ताकि सटीकता और सुरक्षा बढ़े। इनमें शामिल हैं:
- जनरेटर (LLM) + सत्यापक: कोई दूसरा मॉडल या नियतात्मक नियम हर जवाब की पुष्टि करते हैं।
- Process Reward Models (PRMs): हर चरण और हर वाक्य का अलग-अलग सत्यापन।
- मल्टी-एजेंट बहस: कई एजेंट परस्पर विरोधी पक्ष लेते हैं और सबसे भरोसेमंद जवाब तक पहुँचने के लिए चर्चा करते हैं, मानो कोई लोकतांत्रिक प्रक्रिया हो।
स्वास्थ्य, न्याय और वित्त जैसे संवेदनशील उपयोगों में ये तरीके ज़रूरी हैं, क्योंकि वहाँ जोखिम कम करने में AI की विश्वसनीयता निर्णायक होती है।
GenAI में हैलुसिनेशन इस तकनीक को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अपनाने की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं। हालाँकि LLM की प्रकृति के कारण वे अपरिहार्य हैं, फिर भी जोखिम कम करने की कारगर रणनीतियाँ मौजूद हैं। कंपनियों के लिए इन सीमाओं को समझना और जोखिम घटाने के उपाय अपनाना ज़रूरी है। AI के विकास के साथ, उसकी संभावनाओं को रणनीतिक मूल्य में बदलने के लिए हैलुसिनेशन का प्रबंधन एक निर्णायक कारक होगा।